क़ुरआन और क्वांटम बायोलॉजी: परिंदे रास्ता कैसे ढूँढते हैं
आर्कटिक टर्न हर साल एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक उड़ता है। साइंसदानों के ख़याल में परिंदे क्रिप्टोक्रोम नाम के प्रोटीन में एक क्वांटम असर से ज़मीन का चुंबकीय क्षेत्र महसूस करते हैं। सूरह अल-मुल्क 67:19 और अन-नहल 16:79 पर ग़ौर।
आयत
أَوَلَمْ يَرَوْا۟ إِلَى ٱلطَّيْرِ فَوْقَهُمْ صَٰٓفَّٰتٍۢ وَيَقْبِضْنَ ۚ مَا يُمْسِكُهُنَّ إِلَّا ٱلرَّحْمَٰنُ ۚ إِنَّهُۥ بِكُلِّ شَىْءٍۭ بَصِيرٌ ﴿19﴾
आर्कटिक टर्न, लगभग सौ ग्राम का एक परिंदा, हर साल उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाकर वापस आता है, और ट्रैकिंग रिसर्च ने यह सफ़र हज़ारों किलोमीटर का नापा है। बहुत से परिंदे रात को समंदर पार करते हैं और हर साल उसी जगह पहुँचते हैं। यह कैसे मुमकिन है? आज साइंसदान इसका जवाब क्वांटम बायोलॉजी में ढूँढ रहे हैं।
क़ुरआन परिंदों की उड़ान के बारे में
सूरह अल-मुल्क 67:19 में अल्लाह पूछता है: 'क्या उन्होंने अपने ऊपर परिंदों को नहीं देखा जो पर फैलाते और समेटते हैं? उन्हें रहमान के सिवा कोई नहीं थामता'। सूरह अन-नहल 16:79 में है: 'उन्हें अल्लाह के सिवा कोई नहीं थामता, बेशक इसमें ईमान वालों के लिए निशानियाँ हैं'।
परिंदे की आँख में चुंबकीय क़ुतुबनुमा
तजुर्बों से पता चला कि बहुत से परिंदे ज़मीन के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा महसूस करते हैं। एक अहम वज़ाहत 'रेडिकल पेयर मैकेनिज़्म' है: जब रोशनी आँख के क्रिप्टोक्रोम प्रोटीन पर पड़ती है तो ऐसे मॉलिक्यूल्स का जोड़ा बनता है जिनके इलेक्ट्रॉन क्वांटम तरीक़े से जुड़े होते हैं, और ज़मीन का कमज़ोर चुंबकीय क्षेत्र उन पर असर डाल सकता है। आसान अल्फ़ाज़ में परिंदा शायद चुंबकीय क्षेत्र को 'देखता' है। 2021 में नेचर जर्नल में यूरोपियन रॉबिन के क्रिप्टोक्रोम 4 को लैब में चुंबक से प्रभावित होते पाया गया, मगर ज़िंदा परिंदे में पूरा निज़ाम अभी रिसर्च में है।
ग़ौर-ओ-फ़िक्र कहाँ तक
क़ुरआन क्रिप्टोक्रोम या क्वांटम फ़िज़िक्स का ज़िक्र नहीं करता, और हम यह दावा नहीं करेंगे। क़ुरआन हमें परिंदों को देखने और यह मानने को कहता है कि उन्हें रहमान के सिवा कोई नहीं थामता। नई रिसर्च दिखाती है कि परिंदे को रास्ते पर रखने में क़ुदरत के सबसे नाज़ुक अमल शामिल हो सकते हैं। यह ग़ौर-ओ-फ़िक्र है, सबूत नहीं। इस मौज़ू की वीडियो जल्द आ रही है।
हवाले
- The Quran 67:19 and 16:79 (quran.com).
- Egevang C. et al. (2010). Tracking of Arctic terns Sterna paradisaea reveals longest animal migration. PNAS 107(5), 2078–2081.
- Ritz T., Adem S., Schulten K. (2000). A model for photoreceptor-based magnetoreception in birds. Biophysical Journal 78, 707–718.
- Hore P.J., Mouritsen H. (2016). The radical-pair mechanism of magnetoreception. Annual Review of Biophysics 45, 299–344.
- Xu J. et al. (2021). Magnetic sensitivity of cryptochrome 4 from a migratory songbird. Nature 594, 535–540.
- Wiltschko W., Wiltschko R. (2005). Magnetic orientation and magnetoreception in birds and other animals. Journal of Comparative Physiology A 191, 675–693.